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माँ-बेटी संवाद अभियान के माध्यम से स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश


माँ-बेटी संवाद अभियान के माध्यम से स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश
भोपाल : महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य एवं जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से Healing with Heart Foundation द्वारा भोपाल में "माँ-बेटी संवाद अभियान" का आयोजन किया गया। इस अभियान के माध्यम से समाज में प्रचलित स्वास्थ्य संबंधी संकोच और भ्रांतियों को दूर करने तथा माताओं एवं बेटियों के बीच खुले संवाद की संस्कृति विकसित करने का प्रयास किया गया।
अभियान के दौरान संस्था की टीम ने विभिन्न क्षेत्रों में घर-घर जाकर किशोरियों और उनकी माताओं से संवाद स्थापित किया। टीम द्वारा मासिक धर्म (पीरियड्स) से जुड़ी सामान्य समस्याओं, स्वच्छता के महत्व, संतुलित आहार, एनीमिया की रोकथाम एवं किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक और मानसिक परिवर्तनों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि सही जानकारी और समय पर मार्गदर्शन से किशोरियों का स्वास्थ्य बेहतर बनाया जा सकता है तथा कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव संभव है।
कार्यक्रम में महिलाओं को HPV (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीन के महत्व एवं सर्वाइकल कैंसर से बचाव के उपायों के बारे में भी जागरूक किया गया। उन्हें बताया गया कि समय पर टीकाकरण और नियमित स्वास्थ्य जांच के माध्यम से सर्वाइकल कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। साथ ही महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने और किसी भी समस्या की स्थिति में चिकित्सकीय परामर्श लेने के लिए प्रेरित किया गया।
अभियान के अंतर्गत सैनिटरी पैड का वितरण भी किया गया तथा मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता बनाए रखने के तरीकों की जानकारी दी गई। उपस्थित किशोरियों और महिलाओं को बताया गया कि मासिक धर्म एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिसे लेकर शर्म या संकोच करने की आवश्यकता नहीं है। इसके बजाय सही जानकारी और स्वच्छता अपनाकर स्वस्थ जीवन की दिशा में कदम बढ़ाना चाहिए।
संस्था के पदाधिकारियों ने कहा कि आज भी समाज के अनेक हिस्सों में मासिक धर्म और महिला स्वास्थ्य जैसे विषयों पर खुलकर चर्चा नहीं हो पाती, जिसके कारण कई गलत धारणाएं और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बनी रहती हैं। ऐसे में "माँ-बेटी संवाद अभियान" का उद्देश्य परिवार के भीतर संवाद को मजबूत बनाना और महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक एवं आत्मविश्वासी बनाना है।
कार्यक्रम में शामिल महिलाओं और किशोरियों ने अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने संस्था के प्रयासों को महिला स्वास्थ्य और सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
इस अवसर पर संस्था ने संदेश दिया कि "जब माँ-बेटी खुलकर बात करेंगी, तब स्वस्थ, जागरूक और सशक्त पीढ़ी का निर्माण होगा।"
"संवाद होगा, संकोच नहीं; जागरूकता होगी, चिंता नहीं।" इसी संकल्प के साथ अभियान को आगे भी निरंतर जारी रखा जाएगा।


 

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